इतना बड़ा मुद्दा और टीम वर्ल्ड कप से बाहर भी हो गई, फिर भी बीसीसीआई ने कर दी लीपापोती

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महिला टी20 वर्ल्ड कप के दौरान शानदार फार्म में चल रही भारतीय टीम एकाएक सेमीफाइनल में अपनी ही गलती के चलते बाहर हो गई। टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। 

टीम की सबसे अनुभवी और कामयाब खिलाड़ी मिताली राज को टीम से बाहर रखने का फैसला टीम पर ऐसा भारी पड़ा कि टीम का खिताबी जीतने का सपना तो चकनाचूर हुआ ही साथ ही पूरे देश के सामने टीम मैनेजमेंट की किरकिरी भी हो गई। 

बहरहाल इस विवाद की जड़ तीन दिन बाद भी जस की तस जमीन में धंसी हुई है। क्यूंकि इस मुद्दे पर बीसीसीआई ने भी विवाद की जड़ में जाने की बजाय उस मिट्टी डालना या यूं कहें कि लीपापोती करना ही उचित समझा। 

मिताली को टीम से बाहर क्यूं किया गया इस बात का सही खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। मिताली को नहीं खिलाने पर हुए विवाद के बाद जो सफाई टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने दी थी वही सफाई बीसीसीआई ने भी दे दी। 

चारों ओर हो रही आलोचना के चलते बीसीसीआई ने इस मसले पर एक रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट में प्रमुखता से यह अंकित किया गया कि मिताली को टीम से बाहर करने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था। 

टीम मैनेजर की रिपोर्ट में बताया गया कि टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना, कोच रमेश पोवार और चयनकर्ता सुधा राय के बीच गहन मंथन हुआ था। मंथन इस बात को लेकर था कि मिताली को मैच में खिलाया जाए या नहीं। सभी ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि मिताली को बाहर बिठाया जाए और उनके स्थान पर एक गेंदबाज को खिलाया जाए। 

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